ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर, 14 अगस्त। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी बीकानेर शहर एवं देहात के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को हल्द्वानी की घटना और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान के विरोध में जिला स्तरीय विरोध मार्च एवं सत्याग्रह का आयोजन किया गया।
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| हल्द्वानी की घटना के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने गांधी पार्क जाने से रोका |
कांग्रेस कार्यकर्ता शाम 6 बजे अम्बेडकर सर्किल पर एकत्रित हुए। कार्यकर्ता पैदल मार्च निकालकर गांधी पार्क पहुंचना चाहते थे, जहां सत्याग्रह प्रस्तावित था। मुख्यमंत्री के बीकानेर दौरे के चलते पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गांधी पार्क की ओर जाने से रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करते हुए सत्याग्रह किया।
कांग्रेस नेताओं ने हल्द्वानी की घटना को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसी दलित नेता की सार्वजनिक उपस्थिति के बाद किसी स्थान का कथित रूप से गंगाजल से शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक समानता, मानव गरिमा और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसी मानसिकता के शुद्धिकरण की आवश्यकता है तो वह जातिवादी और भेदभावपूर्ण सोच का होना चाहिए।
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनका सार्वजनिक अपमान केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि दलित समाज और संवैधानिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर का सम्मान केवल प्रतिमा पर माल्यार्पण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संविधान में दिए समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाना चाहिए। उन्होंने कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि हल्द्वानी की घटना जातिगत भेदभाव की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने छुआछूत और सामाजिक असमानता के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया। भारत डॉ. आंबेडकर के संविधान से चलेगा, जातिवादी मानसिकता से नहीं।
पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा कि रामलीला मैदान में जनसभा के बाद गंगाजल का छिड़काव कर हवन किया जाना संविधान में निहित समानता, सामाजिक न्याय और मानव गरिमा के मूल्यों के विपरीत है।
पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर उसके जाने के बाद किसी सार्वजनिक स्थल का कथित शुद्धिकरण बेहद आपत्तिजनक है।
डॉ. राजेन्द्र मूण्ड ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक विरोध के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े गंभीर विषय के रूप में देखती है। कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता का विरोध करते रहेंगे।
भूदान बोर्ड चेयरमैन लक्ष्मण कड़वासरा ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के भारत में प्रत्येक नागरिक को समान सम्मान और अधिकार प्राप्त हैं। किसी दलित नेता के प्रति इस प्रकार का व्यवहार सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी दलित व्यक्ति की उपस्थिति से कोई मंच या स्थान अपवित्र नहीं होता। किसी व्यक्ति की जाति किसी स्थान की पवित्रता तय नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है और भारत की पहचान विविधता, लोकतंत्र, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों से है।
प्रदर्शन के दौरान मकसूद अहमद, जियाउर रहमान, गजेन्द्रसिंह सांखला, हनुमान चौधरी, उमा सुथार, रमजान कच्छावा, अरुण व्यास, गजानन्द शर्मा, अम्बाराम इणखिया, नवनीत कौर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिला संगठन महामंत्री प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि कार्यक्रम में कांग्रेस के अनेक नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए तथा सड़क पर ही सत्याग्रह करते हुए संविधान, लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय के पक्ष में आवाज बुलंद की।

