स्वस्थ जीवन का आधार है योग: तन, मन और आत्मा का संतुलन ✍️ डॉ. राकेश वशिष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादकीय लेखक

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। 21 जून को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। योग भारत की प्राचीन संस्कृति और जीवन दर्शन का अभिन्न अंग है, जिसने सदियों से लोगों को स्वस्थ, संतुलित और निरोगी जीवन का मार्ग दिखाया है। आज योग की महत्ता को पूरा विश्व स्वीकार कर चुका है और करोड़ों लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं।

स्वस्थ जीवन का आधार है योग: तन, मन और आत्मा का संतुलन  ✍️ डॉ. राकेश वशिष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादकीय लेखक
स्वस्थ जीवन का आधार है योग: तन, मन और आत्मा का संतुलन ✍️ डॉ. राकेश वशिष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादकीय लेखक


योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। संस्कृत के "युज" शब्द से बना योग का अर्थ है—जोड़ना या एकीकृत करना। योग व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है और जीवन में संतुलन स्थापित करता है।

नियमित योगाभ्यास से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इसके साथ ही योग मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद को कम कर मन को शांति प्रदान करता है। प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न योगासन व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं तथा जीवन में नई स्फूर्ति का संचार करते हैं।

आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण अनेक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप और श्वसन संबंधी समस्याओं के नियंत्रण में प्रभावी भूमिका निभाता है। वैज्ञानिक शोध भी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक सशक्त माध्यम है।

योग का एक बड़ा लाभ यह भी है कि यह व्यक्ति को आत्म-अनुशासन और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करता है। नियमित योगाभ्यास से नींद बेहतर होती है, पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। साथ ही यह वजन नियंत्रण में भी सहायक सिद्ध होता है।

योग किसी धर्म या संप्रदाय विशेष से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह मानव कल्याण का विज्ञान है। यह स्वस्थ शरीर, शांत मन और जागृत चेतना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसलिए आवश्यक है कि हम स्वयं योग को अपनाएं और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें।

योग वास्तव में निरोगी जीवन की कुंजी है। आइए, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हम सभी नियमित योग का संकल्प लें और स्वस्थ, सुखी तथा संतुलित जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

— डॉ. राकेश वशिष्ठ
वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादकीय लेखक

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