ट्रिपल एस ओ न्यूज, जयपुर। थांग-ता फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में मणिपुर के इंफाल में आयोजित राष्ट्रीय थांग-ता टेक्निकल ऑफिशियल्स एंड कोचेस ट्रेनिंग में राजस्थान की खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद जयपुर पहुंचने पर राज्य संघ द्वारा उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।
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| इंफाल में थांग-ता प्रशिक्षण में राजस्थान की बेटियों ने बढ़ाया मान, जयपुर में हुआ भव्य स्वागत |
थांग-ता स्टेट एसोसिएशन राजस्थान की प्रदेश अध्यक्ष ललिता कोछल ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य की कोमल कंवर एवं प्रियंका शर्मा ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को मैनुअल एवं डिजिटल स्कोरिंग प्रणाली सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया। देशभर के विभिन्न राज्यों से 60 से अधिक तकनीकी अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया।
झुंझुनूं निवासी एवं राज्य संघ की सचिव, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी थांग-ता सिल्वर मेडलिस्ट कोमल कंवर ने ब्लैक बेल्ट परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर राज्य संघ की पहली महिला ब्लैक बेल्ट धारक बनने का गौरव प्राप्त किया। वहीं राजसमंद निवासी राष्ट्रीय स्तर की पदक विजेता एवं थांग-ता कोच प्रियंका शर्मा ने भी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
प्रशिक्षण एवं परीक्षा में वर्ल्ड थांग-ता फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. होदीराम प्रेम कुमार ने मुख्य परीक्षक की भूमिका निभाई। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर थांग-ता फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव किरण कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष श्यामानंद एवं उपाध्यक्ष विनोद शर्मा ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष ब्रजराज सिंह ने ब्लैक बेल्ट टेस्ट उत्तीर्ण कर राज्य संघ के पहले कोच के रूप में यह उपलब्धि हासिल की थी।
प्रदेश अध्यक्ष ललिता कोछल ने कहा कि यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य संघ प्रदेश की अधिक से अधिक महिलाओं एवं युवतियों को आत्मरक्षा एवं मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
जयपुर पहुंचने पर राज्य संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने साफा एवं माल्यार्पण कर दोनों खिलाड़ियों का अभिनंदन किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर मालती चौहान, डॉ. सुरेंद्र सिंह, ब्रजराज सिंह शेखावत, उम्मेद सिंह शेखावत, राकेश सैनी, डॉ. दिशांत मीणा, डॉ. कमल मीणा, ओम प्रकाश गर्ग, रतन सिंह शेखावत, संजय सहारण, अजय सिंह, हरीश भारतीय, विजितपाल, रिंकू गुर्जर, सुनील जेडिया, टेकाराम यादव एवं पृथ्वी सिंह सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
थांग-ता: भारत की गौरवशाली मार्शल आर्ट
संघ के टेक्निकल डायरेक्टर उम्मेद सिंह शेखावत ने बताया कि थांग-ता मणिपुर की पारंपरिक भारतीय मार्शल आर्ट है, जिसे "आर्ट ऑफ द स्वोर्ड एंड स्पीयर" के नाम से भी जाना जाता है। यह खेल गुरु-शिष्य परंपरा, अनुशासन, आत्मरक्षा, शारीरिक फिटनेस एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देता है। अब तक इसकी 31 राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित हो चुकी हैं तथा यह खेल ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी, स्कूल गेम्स एवं खेलो इंडिया में भी शामिल है। थांग-ता खिलाड़ियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है।

