ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। दुग्ध उत्पादकों को बैंकिंग सुविधाएं उनके गांव और दुग्ध संग्रहण केंद्र के नजदीक उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रविवार को रविन्द्र रंगमंच, बीकानेर में माइक्रो एटीएम का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीकानेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ से जुड़ी दुग्ध सहकारी समितियों एवं दुग्ध उत्पादकों को माइक्रो एटीएम वितरित किए गए।
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| दुग्ध समितियों को मिले माइक्रो एटीएम, अब गांव में ही मिलेंगी बैंकिंग सुविधाएं |
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर निशांत जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद शैलजा पाण्डेय, उरमूल के प्रबंध संचालक बाबूलाल बिश्नोई, सीसीबी बैंक के प्रबंधक रणवीर सिंह और पी एंड आई प्रभारी अनिल दाधीच सहित संबंधित अधिकारी एवं दुग्ध सहकारी समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर अतिथियों ने दुग्ध समितियों को माइक्रो एटीएम प्रदान किए और इसे दुग्ध उत्पादकों के लिए ग्रामीण स्तर पर बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार की महत्वपूर्ण पहल बताया।
दूध के भुगतान के साथ नए बैंक खाते भी खुल सकेंगे
माइक्रो एटीएम के माध्यम से दुग्ध समितियों द्वारा दुग्ध उत्पादकों को दूध का भुगतान करने के साथ ही निर्धारित बैंकिंग प्रक्रियाओं के तहत नए बैंक खाते खोलने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे उरमूल संघ से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और उनके वित्तीय लेन-देन को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा दुग्ध उत्पादक एफडी एवं अन्य बैंक जमा योजनाओं का लाभ लेकर ब्याज अर्जित कर सकेंगे। बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ाव बढ़ने से पात्र खाताधारकों को टीडीएस में नियमानुसार मिलने वाली छूट एवं अन्य बैंकिंग लाभ प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।
दुग्ध समितियां बनेंगी बैंकिंग सेवाओं की कड़ी
उरमूल संघ से संबद्ध दुग्ध सहकारी समितियां अब दुग्ध संग्रहण एवं भुगतान के साथ ग्रामीण स्तर पर बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। माइक्रो एटीएम के माध्यम से समितियों और दुग्ध उत्पादकों के बीच वित्तीय लेन-देन को अधिक सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उरमूल संघ का प्रयास है कि दुग्ध उत्पादक को उसके दूध की मेहनत का भुगतान समय पर मिले और उसे बैंकिंग सुविधा के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़े। माइक्रो एटीएम इसी उद्देश्य को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उरमूल संघ द्वारा दुग्ध उत्पादकों को केवल दुग्ध उत्पादन एवं विपणन से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक वित्तीय सेवाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। माइक्रो एटीएम की सुविधा से समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचेंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने उरमूल संघ से जुड़ी दुग्ध समितियों द्वारा निभाई जा रही भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें बैंकिंग जैसी मूलभूत वित्तीय सुविधाएं उनके कार्यस्थल के नजदीक उपलब्ध कराना उनके आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उरमूल संघ की इस पहल से अब दुग्ध उत्पादकों के लिए दूध के भुगतान से लेकर बैंकिंग सेवाओं, बचत एवं जमा योजनाओं तक की सुविधाओं को गांव के स्तर पर उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे उरमूल से जुड़े हजारों दुग्ध उत्पादकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।

