ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर, 22 अगस्त 2026। राजस्थान में अगस्त-सितम्बर 2026 में प्रस्तावित नगर निकाय आम चुनाव की मतदान तिथियों में बदलाव की मांग उठने लगी है। जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं लंबे समय से पार्टी के निर्वाचन प्रतिनिधि प्रहलादसिंह मार्शल ने इस संबंध में कलेक्टर एवं राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त को पत्र लिखकर प्रमुख धार्मिक पर्वों, मेलों एवं पदयात्राओं को ध्यान में रखते हुए मतदान कार्यक्रम का पुनः परीक्षण करने तथा आवश्यकतानुसार मतदान तिथियों में परिवर्तन करने का आग्रह किया है।
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| निकाय चुनाव की मतदान तिथियों का हो पुनः परीक्षण, प्रहलादसिंह मार्शल ने कलेक्टर व राज्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र |
मार्शल ने पत्र में कहा कि श्रावण एवं भाद्रपद मास के दौरान राजस्थान के विभिन्न जिलों में अनेक प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशाल मेले, पदयात्राएं एवं धार्मिक आयोजन होते हैं। इनमें राजस्थान के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी अवधि में रक्षाबंधन, बारह वफात, सिंजारा (धमोली), श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी एवं संवत्सरी जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक पर्व भी आते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि नगर निकाय चुनाव की मतदान तिथियां इन पर्वों एवं धार्मिक आयोजनों के आसपास निर्धारित रहती हैं तो बड़ी संख्या में मतदाता धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में व्यस्त रह सकते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका है।
पत्र में बीकानेर एवं आसपास के क्षेत्रों में होने वाले प्रमुख धार्मिक मेलों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें रामदेवरा मेला, कोडमदेसर भैरूनाथ जी मेला, सियाणा भैरूनाथ जी मेला, पुनरासर हनुमान जी मेला, सालासर बालाजी मेला, सरदारशहर इच्छापूर्ण बालाजी मेला, नागौर बुटाटी धाम मेला, मेड़ता मीरा बाईसा मेला, जोधपुर हरिहर मंदिर मेला, ओसियां सच्चियाय माता मेला, सूर्य मंदिर के धार्मिक आयोजन, बाड़मेर किराडू मंदिर मेला तथा सरदारशहर एवं सालासर अंजनी माता मंदिर के मेले शामिल हैं।
मार्शल ने कहा कि चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी बड़े स्तर पर धार्मिक मेले एवं आयोजन होते हैं, जिनमें हजारों-लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव और धार्मिक आयोजनों की तिथियां एक-दूसरे के आसपास होने से मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों तथा कानून-व्यवस्था संभालने वाले प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामने भी व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं।
मार्शल ने कलेक्टर एवं राज्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की है कि नगर निकाय आम चुनाव की अगस्त-सितम्बर 2026 की प्रस्तावित मतदान तिथियों का पुनः परीक्षण करवाया जाए और प्रमुख धार्मिक पर्वों, मेलों एवं पदयात्राओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बदलाव किए जाएं।
उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक मतदाता सुविधापूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। मार्शल ने जनहित एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी को ध्यान में रखते हुए मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

