नोखा में दंडी संन्यासी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने की ‘निशिचरहीन करहुं मही’ की ओजस्वी व्याख्या

ट्रिपल एस ओ न्यूज, नोखा। चातुर्मास कर रहे दंडी संन्यासी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने सत्संग पंडाल में दंडकवन में भगवान श्रीराम की प्रतिज्ञा ‘निशिचरहीन करहुं मही’ की ओजस्वी व्याख्या की। उन्होंने दंडकवन के ऋषि-महर्षियों तथा श्रीराम-सीता संवाद का सार बताते हुए कहा कि इन आदर्शों को जीवन में उतारकर प्रत्येक व्यक्ति आदर्श गृहस्थ बने। आदर्श परिवार और संस्कारों से राष्ट्र रक्षा का भाव स्वतः मजबूत होगा।

नोखा में दंडी संन्यासी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने की ‘निशिचरहीन करहुं मही’ की ओजस्वी व्याख्या
नोखा में दंडी संन्यासी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने की ‘निशिचरहीन करहुं मही’ की ओजस्वी व्याख्या

करपात्री जी जयंती पर सुनाए संस्मरण

चौमासा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित शिक्षाविद् जानकी नारायण श्रीमाली ने हाल ही में सम्पन्न धर्म सम्राट करपात्री जी जयंती के प्रसंग पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि करपात्री जी के आह्वान पर चला गोरक्षा महाभियान सनातन धर्म के इतिहास का महान उत्कर्ष था। श्रीमाली द्वारा करपात्री जी से जुड़े संस्मरण सुनाए जाने पर विशाल जनसमूह ने हर्षनाद किया।

तुलसी और रामचरितमानस को बताया भारत की आत्मा

तुलसी जयंती के प्रसंग पर श्रीमाली ने कहा कि तुलसी और रामचरितमानस भारत की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस विश्व में सर्वाधिक पढ़े और छपे जाने वाले धर्मग्रंथों में प्रमुख है। जहां हिन्दू हैं, वहां मानस है। उन्होंने बताया कि मानस समाज में मर्यादा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत करता है। इस दौरान श्रीमाली ने तुलसीदास और खानखाना रहीम के दोहों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

राती घाटी युद्ध पर प्रकाश डाला

श्रीमाली ने कहा कि राव बीकाजी के पौत्र राव जैतसी ने बाबर द्वारा राम मंदिर ध्वंस का बदला लेने के लिए बीकानेर में बाबर के पुत्र एवं गजनी के शासक कामरां को पराजित किया था। उन्होंने राती घाटी युद्ध के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि उस युद्ध का जयघोष ‘राम! राम!’ था।

इस अवसर पर श्रीमाली ने ‘राती घाटी युद्ध’ उपन्यास स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती को भेंट किया। मंच पर विराजमान वृद्ध दंडी संन्यासियों, तपस्वी युवा ब्रह्मचारियों सहित उपस्थित सैकड़ों सभासदों ने सामूहिक रूप से ‘राम! राम!’ का जयघोष किया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.