मास्टर बच्ची क्लब के 8 खिलाड़ियों का राजकीय फुटबॉल अकादमियों में चयन, बीकानेर का बढ़ाया मान

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर, 24 जुलाई। बीकानेर के प्रतिष्ठित मास्टर बच्ची क्लब ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट खेल परंपरा को कायम रखते हुए नया इतिहास रच दिया है। क्लब के आठ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन राजस्थान की तीन प्रतिष्ठित राजकीय फुटबॉल अकादमियों में हुआ है। इस उपलब्धि से क्लब, खिलाड़ियों के परिवारों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

मास्टर बच्ची क्लब के 8 खिलाड़ियों का राजकीय फुटबॉल अकादमियों में चयन, बीकानेर का बढ़ाया मान
मास्टर बच्ची क्लब के 8 खिलाड़ियों का राजकीय फुटबॉल अकादमियों में चयन, बीकानेर का बढ़ाया मान

महिला वर्ग में शिवानी, निधि, जया, रितिका, जयश्री और भावना ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासित प्रशिक्षण और कड़ी मेहनत के दम पर राजकीय कोटा महिला फुटबॉल अकादमी तथा राजकीय जयपुर महिला फुटबॉल अकादमी में स्थान बनाया है। वहीं बालक वर्ग में अंशुल पवार और गौरव का चयन राजकीय जोधपुर बालक फुटबॉल अकादमी में हुआ है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर क्लब के सचिव भरत पुरोहित, अध्यक्ष सुनील बाँठिया तथा संरक्षक एन. डी. रंगा, राजेश चुरा और देवकिसन चांडक ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों शिवाजी आहूजा, राजा सेवग (पार्षद), नंदकिशोर पुरोहित (द फोरकास्ट हाउस), महावीर शर्मा, त्रिभुवन ओझा, शिव कुमार शर्मा, महिला फुटबॉल कोच बुंदेला सिंह, श्याम चुरा, जितेन्द्र पुरोहित और स्नेहा उपाध्याय ने कहा कि खिलाड़ियों की यह सफलता क्लब के निरंतर प्रशिक्षण, अनुशासन और समर्पण का प्रतिफल है।

बालक वर्ग के प्रशिक्षक विनोद जागा, देवेन्द्र पुरोहित, आशीष किराडू और अभिषेक व्यास ने भी चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

क्लब परिवार ने विश्वास जताया कि चयनित खिलाड़ी भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बीकानेर और राजस्थान का नाम पूरे देश में रोशन करेंगे। खेल प्रेमियों, अभिभावकों और शहरवासियों ने भी इस उपलब्धि पर मास्टर बच्ची क्लब, प्रशिक्षकों और सभी चयनित खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और समर्पित प्रशिक्षण के बल पर स्थानीय एवं ग्रामीण प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकती हैं।

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