ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। समाज में जरूरतमंद लोगों की सहायता के उद्देश्य से लगातार सेवा कार्य कर रही जीवनदायिनी ब्लड सेवा समिति ने एक बार फिर मानवता और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की है। समिति ने आर्थिक रूप से कमजोर एक जरूरतमंद बेटी का 18वां मायरा भरकर उसके परिवार को बड़ी राहत प्रदान की। समिति के इस सराहनीय कार्य की क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है।
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| जरूरतमंद बेटी का भरा 18वां मायरा, जीवनदायिनी ब्लड सेवा समिति बनी सहारा |
जानकारी के अनुसार बीकानेर के बजरंग धोरा क्षेत्र में रहने वाली एक बेटी के पिता का कुछ समय पूर्व निधन हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण बेटी के विवाह की तैयारियां करना परिवार के लिए चुनौती बन गया था। ऐसे कठिन समय में जीवनदायिनी ब्लड सेवा समिति को इस परिवार की जानकारी मिली। इसके बाद समिति ने बिना किसी औपचारिकता के परिवार तक पहुंचकर बेटी के विवाह में सहयोग करने का निर्णय लिया।
समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पूरे सम्मान और आत्मीयता के साथ बेटी का 18वां मायरा भरा। इस दौरान विवाह के लिए आवश्यक घरेलू उपयोग की सामग्री, शादी का सामान, दैनिक जरूरत की वस्तुएं एवं अन्य उपयोगी सामग्री परिवार को भेंट की गई, जिससे विवाह की तैयारियों में आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो सके।
इस सेवा कार्य में समिति के संस्थापक विनोद डारा एवं संचालक डॉ. पुनाराम रोझ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे अनेक परिवार हैं, जिनके माता-पिता नहीं हैं या आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वे बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक नहीं कर पाते। ऐसे परिवारों की मदद करना प्रत्येक सक्षम व्यक्ति का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।
डॉ. पुनाराम रोझ ने कहा कि बेटी किसी एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी होती है। यदि समाज के लोग मिलकर सहयोग करें तो कोई भी बेटी आर्थिक अभाव के कारण परेशान नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जीवनदायिनी ब्लड सेवा समिति केवल रक्तदान के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों की हर संभव सहायता के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। समिति भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रखेगी।
इस अवसर पर राकेश बिश्नोई एवं श्रवण जाट चाडी (नर्सिंग ऑफिसर) ने समाज के लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि किसी ऐसे परिवार की जानकारी हो, जहां माता या पिता का साया नहीं है या बेटी के विवाह में आर्थिक कठिनाई आ रही है, तो समिति को अवश्य सूचित करें। समिति अपनी क्षमता के अनुसार ऐसे परिवारों की सहायता करने का पूरा प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से अधिक से अधिक जरूरतमंद बेटियों के जीवन में खुशियां लाई जा सकती हैं।
मायरा कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के लोगों ने समिति के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसे प्रयास समाज को नई दिशा देने वाले हैं। लोगों ने जीवनदायिनी ब्लड सेवा समिति के सभी सदस्यों, संस्थापक विनोद डारा, संचालक डॉ. पुनाराम रोझ एवं पूरी टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के सामाजिक कार्य अन्य संस्थाओं और समाजसेवियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
जीवनदायिनी ब्लड सेवा समिति द्वारा यह 18वां मायरा समाज के प्रति उनकी सेवा, संवेदनशीलता और मानवीय सोच का एक और प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

