ट्रिपल एस ओ न्यूज, सूरतगढ़, 17 जुलाई (सुभाष सिंह)। नगर पालिका की ओर से वार्ड संख्या 30 और 41 में कराए जा रहे इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई दिनों से निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है, जिससे आमजन, स्कूली बच्चों और स्कूल वाहनों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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| सूरतगढ़: वार्ड 30 और 41 में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण पर उठे सवाल, धीमी गति और गुणवत्ता को लेकर लोगों में नाराजगी |
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। वहीं सड़क के साथ बनाई जा रही नाली का निर्माण भी कथित रूप से निम्न स्तर का बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क का लेवल कई स्थानों पर असमान दिखाई दे रहा है, जिससे कहीं सड़क ऊंची तो कहीं नीची नजर आ रही है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निर्माण के दौरान जब जागरूक नागरिकों ने ठेकेदार का ध्यान गुणवत्ता की ओर दिलाया तो कुछ दूरी तक सुधार किया गया, लेकिन उसके बाद फिर से लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो पहली ही बारिश में सड़क की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य की निगरानी के लिए नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण तक नहीं किया। सड़क का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासियों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार इस सड़क निर्माण का ठेका किसी अन्य फर्म के नाम पर है, जबकि मौके पर कार्य श्रीगंगानगर के एक ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। इस संबंध में भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने उपखंड प्रशासन, नगर पालिका प्रशासक एवं नगर पालिका के नव नियुक्त अधिशासी अधिकारी (ईओ) मनीष पारीक से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने तथा गुणवत्ता की जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

