लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, आपातकाल को बताया भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर, 25 जून। भाजपा संभाग कार्यालय बीकानेर में "आपातकाल : संविधान की हत्या" विषय पर आयोजित कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए नई पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, आपातकाल को बताया भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय

लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, आपातकाल को बताया भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं संवर्धन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला था। उन्होंने कहा कि सत्ता बचाने के लिए नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचला गया, विपक्षी नेताओं और हजारों लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में डाल दिया गया। लखावत ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल का सच नई पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा शहर जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ ने कहा कि आपातकाल का इतिहास लोकतंत्र की रक्षा का सबसे बड़ा सबक है। वहीं भाजपा देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

इस अवसर पर बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास एवं डूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने भी अपने विचार रखते हुए संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मीसाबंदियों ने आपातकाल के दौरान जेलों में बिताए गए संघर्षपूर्ण दिनों के अनुभव साझा किए। लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए त्याग और बलिदान को याद करते हुए उपस्थित जनों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं संयोजक अशोक प्रजापत ने किया। कार्यक्रम में भाजपा के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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