ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। स्थानीय शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय, शीतला गेट के बाहर, बीकानेर में शाला स्थापना दिवस एवं गंगा दशहरा के पावन अवसर पर विद्यालय की स्काउट-गाइड एवं करूणा टीम द्वारा जीव सेवा एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विशेष सेवा अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत पक्षियों के लिए चुग्गा स्टैंड, परिंडे एवं पालसिये लगाए गए तथा दाना-पानी की समुचित व्यवस्था की गई।
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| शाला स्थापना दिवस एवं गंगा दशहरा पर स्काउट-गाइड एवं करूणा टीम का सेवा अभियान |
कार्यक्रम का शुभारंभ शाला के संस्थापक स्वर्गीय श्री सीताराम जी मोदी के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर संस्था के कब मास्टर रमेश कुमार मोदी ने बताया कि स्वर्गीय श्री सीताराम जी मोदी अध्यापक पद पर कार्यरत रहते हुए शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता एवं संस्कारयुक्त शिक्षा के उद्देश्य से 25 मई 1989 को शाला की स्थापना की थी। उनका मूल उद्देश्य था — “आप हमें अबोध बालक दो, हम आपको सुबोध बालक देंगे।” संस्थापक की इसी प्रेरणा एवं नैतिक मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए शाला स्थापना दिवस पर सेवा कार्य करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
शाला के प्रधानाध्यापक हनुमान छींपा ने बताया कि विद्यालय की राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त स्काउट-गाइड टीम पिछले कई वर्षों से ग्रीष्मकाल में पक्षियों के लिए दाना-पानी, परिंडे एवं घोंसलों की व्यवस्था कर जीव सेवा का कार्य निरंतर कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भीषण गर्मी में पक्षियों को पानी एवं भोजन की अत्यधिक आवश्यकता रहती है, ऐसे में विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा यह सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
करूणा प्रभारी सौरभ बजाज ने बताया कि गाइड छात्राएं पिछले छह दिनों से नियमित रूप से परिंडों की सफाई कर उनमें प्रतिदिन ताजा पानी भर रही हैं। साथ ही विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए दाने की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जीवों के प्रति संवेदनशीलता, सेवा भावना एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे संस्कार विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं।
कब मास्टर रमेश कुमार मोदी ने बताया कि राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त स्काउट-गाइड मानवी सोलंकी, शैली सोलंकी, खुशबू गोदारा, साक्षी गोदारा, दीपिका, आनंदी सियाग, संध्या, मानषी चौहान, राघव टाक, मालचंद दैया सहित अन्य विद्यार्थियों ने प्रतिदिन प्रातः विद्यालय परिसर में उपस्थित होकर पक्षियों के लिए दाना-पानी की सेवा निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए सम्पूर्ण टीम को सेवा कार्य सतत जारी रखने हेतु प्रेरित किया।

