ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। शहर के रामपुरा बस्ती स्थित 18 नंबर गली में संचालित युगांतर ग्लोबल स्कूल में शनिवार को अक्षय तृतीया (आखातीज) एवं बीकानेर स्थापना दिवस का उत्सव बड़े हर्षोल्लास, उमंग और पारंपरिक माहौल के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्सवी वातावरण नजर आया और विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
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| युगांतर ग्लोबल स्कूल में अखातीज और स्थापना दिवस का रंगारंग आयोजन |
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिवार द्वारा भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और स्थानीय विरासत को समर्पित संदेशों के साथ की गई। विद्यालय की प्राचार्य संगीता स्वामी एवं सचिव सुमित कुमार स्वामी ने विद्यार्थियों को अक्षय तृतीया के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए पुण्य कार्य, दान, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों का विशेष महत्व होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय त्योहारों के पीछे छिपे सांस्कृतिक संदेशों से भी अवगत कराया।
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| युगांतर ग्लोबल स्कूल में अखातीज और स्थापना दिवस का रंगारंग आयोजन |
इस दौरान बीकानेर स्थापना दिवस के अवसर पर शहर के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति, स्थापत्य कला, परंपराओं और बीकानेर की ऐतिहासिक पहचान पर भी प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि बीकानेर केवल एक शहर नहीं, बल्कि वीरता, संस्कृति, खानपान और लोक परंपराओं की अनूठी धरोहर है। इस जानकारी से विद्यार्थियों में अपने शहर के प्रति गर्व, सम्मान और जुड़ाव की भावना विकसित हुई।
कार्यक्रम को रोचक और आनंददायक बनाने के लिए विद्यार्थियों ने पतंग उड़ाकर बीकानेर स्थापना दिवस का जश्न मनाया। विद्यालय परिसर में रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान सज उठा और बच्चों ने उत्साहपूर्वक इस परंपरा का आनंद लिया। पतंगबाजी के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उमंग साफ नजर आई।
विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई और विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों तथा स्थानीय परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति और इतिहास की जानकारी भी प्रदान की गई।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं आनंददायक साबित हुआ।


