ट्रिपल एस ओ न्यूज, रामदेवरा (जैसलमेर)। विश्व गौरैया दिवस के पावन अवसर पर नई बस्ती, रामदेवरा में पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। दिव्यांग पर्यावरण प्रेमी दिनेश चौहान ने माता-बहनों के सहयोग से पक्षियों के लिए जल से भरे परिंडे लगाकर प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का सशक्त संदेश दिया।
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| विश्व गौरैया दिवस पर दिव्यांग पर्यावरण प्रेमी दिनेश चौहान की अनूठी पहल — “परिंडे लगाकर बचाएँ प्रकृति” का सशक्त संदेश |
तेज गर्मी और जल संकट के इस दौर में, जब पक्षियों के लिए पानी का एक-एक बूंद अमृत के समान है, ऐसे समय में दिनेश चौहान की यह पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज को जागरूक करने वाली भी है। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ते शहरीकरण के कारण गौरैया सहित कई पक्षियों का अस्तित्व खतरे में है, जिसे बचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
इस अभियान में क्षेत्र की माता-बहनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने घरों के बाहर नियमित रूप से परिंडे लगाने एवं उनमें पानी भरने का संकल्प लिया। पूरे क्षेत्र में इस पहल ने एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया और लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराया।
स्थानीय लोगों ने दिनेश चौहान के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। यह छोटी-सी पहल एक बड़े बदलाव की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण के जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

