ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर । 20 जनवरी 2026 अजित फाउंडेशन द्वारा आयोजित मासिक संवाद श्रृंखला के अंतर्गत “शिक्षा में भाषा का महत्त्व” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. रूबिना कोचर, सहायक आचार्य, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर ने कहा कि भाषा के माध्यम से ही हम अपनी भावनाओं एवं विचारों की अभिव्यक्ति कर सकते हैं। भाषा मानव सम्प्रेषण का सबसे सशक्त माध्यम है।
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| भाषा सम्प्रेषण का सशक्त माध्यम है — डॉ. रूबिना कोचर |
उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा के साथ-साथ अन्य भाषाओं का ज्ञान भी अर्जित करना चाहिए। परिवार और सामाजिक परिवेश में मातृभाषा सहजता प्रदान करती है, किंतु जब हम देश-विदेश में जाते हैं, तब अन्य भाषाओं की आवश्यकता महसूस होती है।
डॉ. कोचर ने बताया कि तकनीकी विकास के इस युग में भाषा-ज्ञान अत्यंत आवश्यक हो गया है। हालांकि, मातृभाषा में जो सहजता और भावनात्मक जुड़ाव होता है, वह अन्य भाषाओं में संभव नहीं हो पाता। भाषा हमें अपनत्व का अनुभव कराती है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो मातृभाषा में संवाद करने पर मस्तिष्क के न्यूरॉन्स अधिक सक्रिय होते हैं। भाषा के साथ-साथ नए शब्दों को सीखना भी आवश्यक है, जिससे हमारी समझ और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्राची रस्तोगी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, ने कहा कि भाषा हमारे व्यक्तित्व को निखारती है और आत्मविश्वास को मजबूत बनाती है। सशक्त भाषा के विकास के लिए पुस्तकों से जुड़ना आवश्यक है, जिससे नए शब्दों का ज्ञान प्राप्त होता है और सम्प्रेषण क्षमता बढ़ती है।
मुख्य अतिथि अनिता गर्ग, शिक्षाविद् एवं प्राचार्य, चायनाण सी. सै. स्कूल ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागिता भी आवश्यक है।
संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने अजित फाउंडेशन की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि भाषा के माध्यम से ही मानव विकास संभव हुआ है। भाषा ने हमारी संवेदनाओं और मानवीय मूल्यों को अभिव्यक्ति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम में अमरदीप ओझा, कविता पुरोहित, नर्बदा थानवी, लक्ष्मी, पूजा, प्रिया सहित चायनाण सी. सै. स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

