ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। आज के समय में महिलाओं एवं बच्चियों के लिए आत्मरक्षा अत्यंत आवश्यक हो गई है। जब तक बच्चियां आत्मरक्षा के क्षेत्र में दक्ष नहीं होंगी, तब तक उन्हें घर से बाहर निकलने में संकोच बना रहेगा। साथ ही राजस्थान की पारंपरिक वेशभूषा ‘साफा’ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जो सम्मान और गौरव का प्रतीक है—हर व्यक्ति को इसे बांधना आना चाहिए।
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| आत्मरक्षा एवं साफा प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ |
ये उद्गार गौरव सेनानी एसोसिएशन बीकाणा के अध्यक्ष कर्नल हेम सिंह शेखावत ने व्यक्त किए। वे क्षत्रिय सभा एवं ट्रस्ट, बीकानेर संभाग द्वारा आयोजित तथा रजवाड़ी ग्रुप एवं मानव अधिकार सामाजिक कल्याण संघ द्वारा संचालित आत्मरक्षा एवं साफा प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
मानव अधिकार सामाजिक कल्याण संघ की संस्थापिका उषा कंवर ने उपस्थित बच्चियों एवं मातृशक्ति का आह्वान करते हुए बताया कि शिविर में विभिन्न प्रकार की आत्मरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो भविष्य में महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
क्षत्रिय सभा एवं ट्रस्ट के अध्यक्ष करण प्रताप सिंह सिसोदिया ने प्रशिक्षणार्थियों एवं उनके साथ आए परिजनों का स्वागत करते हुए शिविर के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण हेतु जोधपुर से पधारी प्रशिक्षिका मंजू राठौर ने बताया कि यदि प्रतिभागी नियमित रूप से शिविर में उपस्थित रहकर प्रशिक्षण लें, तो निश्चित रूप से उन्हें आत्मरक्षा के साथ-साथ स्वाभिमान और आत्मसम्मान की भावना का भी विकास होगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए क्षत्रिय सभा के प्रवक्ता प्रदीप सिंह चौहान ने कहा कि अल्प समय में बच्चों एवं युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता इस शिविर की उपयोगिता और आवश्यकता को दर्शाती है।
शिविर के शुभारंभ अवसर पर गजे सिंह देवड़ा (सरपंच), वीरेंद्र सिंह नरूका, गिरधारी सिंह खिंदासर, स्वरूप सिंह राठौड़, रचना मोहता, भगवती स्वामी, संतोष डेलू, आशीष जैन, प्रेम धांधल, सुरेंद्र सिंह (जोधपुर), रवि गहलोत सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


