ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर, 10 दिसंबर। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस और परम पावन दलाई लामा जी के नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्ति दिवस के उपलक्ष्य में आज बीकानेर के स्थानीय तिब्बती हाट में भारत-तिब्बत सहयोग मंच एवं तिब्बती समुदाय के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य ‘मानवाधिकार रक्षण उत्सव’ का आयोजन हुआ।
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| अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर बीकानेर में गूंजा ‘तिब्बत की आज़ादी’ का स्वर |
कार्यक्रम का उद्देश्य—तिब्बत की स्वतंत्रता, मानवाधिकार सुरक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण तथा भारत-तिब्बत आध्यात्मिक संबंधों का सुदृढ़ीकरण—भव्य रूप से उभरकर सामने आया।
✦ प्रारंभ: दीपावली, मंत्रोच्चार और दलाई लामा की शांति-परंपरा का स्मरण
🇨🇳 “कैलाश मानसरोवर जल्द होगा चीन के अवैध कब्जे से मुक्त” — सुधा आचार्य
मुख्य वक्ता व राष्ट्रीय पदाधिकारी श्रीमती सुधा आचार्य ने जोशीले भाषण में चीन की विस्तारवादी नीतियों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा—
“डॉ. इंद्रेश कुमार जी के मार्गदर्शन में राष्ट्र और हिंदू सभ्यता के प्रतीक ‘कैलाश मानसरोवर’ की मुक्ति का संकल्प अब एक जन-आंदोलन बन चुका है। वह समय दूर नहीं जब कैलाश चीन की कुटिल शक्तियों से मुक्त होकर मानवता की आस्था का केंद्र पुनः स्वतंत्र रूप में स्थापित होगा।”
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजेंद्र प्रसाद कामदार के अथक प्रयासों से आयोजित होने वाली ‘तवांग तीर्थ यात्रा’ में देशभर से, विशेषकर राजस्थान से, बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। यह यात्रा राष्ट्रभक्ति, सीमाओं की सुरक्षा और तिब्बत की आज़ादी के संदेश को जन-जन तक पहुँचाती है।
🤝 “तिब्बती समाज हमारे परिवार का हिस्सा” — दिलीप पुरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला अध्यक्ष श्री दिलीप पुरी ने भारत-तिब्बत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“परम पावन दलाई लामा का संबंध गुंसाई समाज की 52 मड़ी से है। यह नाता केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक भी है। तिब्बती समाज हमारे पड़ोसी नहीं, बल्कि हमारे अपने हैं। इनके दुःख-सुख में साथ खड़े रहना हमारा धर्म है।”
उनके वक्तव्य से उपस्थितजनों में भावनात्मक जुड़ाव की ऊर्जा और भी प्रबल हुई।
🙏 “भारत हमारी माता समान—हमें गोद में लेकर बचाया” — तेनजिंग
स्थानीय तिब्बती मार्केट के अध्यक्ष श्री तेनजिंग ने भारत के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“31 मार्च 1959 से जब से परम पावन दलाई लामा जी भारत आए, तब से इस देश ने हमें केवल शरण नहीं दी, बल्कि अपनापन दिया। भारत हमारे लिए माता समान है। यहाँ के लोग हमें अपना रक्त संबंधी मानते हैं—हम इस स्नेह को कभी नहीं भूल सकते।”
उनका वक्तव्य सुनकर उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक तालियाँ बजाकर स्वागत किया।
🛡️ “तिब्बती परिवारों की सुरक्षा और सहायता—हमारी 24×7 प्रतिबद्धता” — मुकेश बन
युवा विभाग के जिला अध्यक्ष श्री मुकेश बन ने बीकानेर में रह रहे तिब्बती परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा—
“बीकानेर का युवा वर्ग तिब्बती समाज के साथ मजबूती से खड़ा है। व्यापार, आवास, शिक्षा या किसी भी समस्या के समाधान में हमारी टीम 24 घंटे तत्पर है। आप कभी स्वयं को अकेला महसूस न करें—पूरा बीकानेर आपका परिवार है।”
✦ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्यजन और तिब्बती समुदाय की भागीदारी
पूरा माहौल तिब्बती संस्कृति के रंग, भारतीय परंपराओं और सामुदायिक सौहार्द से सराबोर रहा।

