ट्रिपल एस ओ न्यूज, जयपुर। जयपुर.:-बच्चों की आत्महत्या रोकने के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इसमें कहा गया कि नौवीं क्लास से पहले कोचिंग संस्थानों में प्रवेश नहीं दिया जाए।
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| नवीं क्लास से छोटे बच्चों की कोचिंग बैन, सरकार ने जारी किए ये आदेश |
कोचिंग संस्थान असेसमेंट रिजल्ट सार्वजनिक नहीं करेंगे। इसके साथ ही डेढ़ दिन का साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा। रिपोर्ट में दिए सुझावों की पालना के लिए मुख्य सचिव उषा शर्मा ने गुरुवार को बैठक ली। उन्होंने सभी निर्देशों की पालना कराने की जिम्मेदारी जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक को दी है।
इस रिपोर्ट में कोचिंग संस्थानों को रिफंड पॉलिसी को अपनाने पर भी जोर दिया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि बच्चों में पढ़ाई के तनाव को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। बैठक में कोचिंग संस्थान वाले वीसी से जुड़े थे।
कोचिंग संस्थान में ये बदलाव की जरुरत
वर्तमान में कोचिंग संस्थानों में पंजीकृत नवीं कक्षा से पूर्व के विद्यार्थी कोचिंग छोड़ना चाहें तो उन शेष अवधि की फीस लौटाएं।
वैकल्पिक कॅरियर ऑप्शन बताए जाएं
- कोचिंग संस्थान प्रवेश के समय एल्फाबेटिकली बैचों का निर्धारण करें। उसमें परिवर्तन न हो।
- कक्षा में उपलब्ध स्थान के अनुपात में ही विद्यार्थियों को प्रवेश दें।
कोचिंग संस्थान असेसमेंट टेस्ट रिजल्ट सार्वजनिक नहीं करें
कोचिंग संस्थान पर्याप्त संख्या में योग्य एवं प्रशिक्षित मनोसलाहकारों एवं काउंसलर्स की नियुक्ति करें।

