ट्रिपल एस ओ न्यूज, लूणकरनसर (बीकानेर): रिपोर्ट: भैराराम तर्ड। लूणकरनसर उपखंड के भंडाण क्षेत्र स्थित भादवा गांव की रोही में किसानों पर कुदरत का कहर टूटा है। जुलाई माह के बाद क्षेत्र में अच्छी बरसात नहीं होने से खेतों में खड़ी मोठ और मूंग की फसलें सूखकर नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरने से उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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| भादवा गांव में सूखे की मार: बारिश न होने से मोठ-मूंग की फसलें नष्ट, किसानों ने की मुआवजे की मांग |
खेतों में नहीं बन पाई फली, पौधे पड़े पीले स्थानीय किसान मनफूल भादू ने दर्द बयां करते हुए बताया कि जुलाई के बाद क्षेत्र में बारिश का टोटा रहा। पानी के अभाव में फसल पूरी तरह सूख गई है और पौधों में फलियां तक नहीं बन पाईं। जो थोड़े-बहुत पौधे बचे हैं, वे भी धूप और पानी की कमी से झुलस रहे हैं। यह संकट केवल एक खेत का नहीं, बल्कि गांव के अधिकांश किसानों का यही हाल है।
प्रशासन से गिरदावरी और मुआवजे की गुहार आर्थिक नुकसान और लागत डूबने से मायूस किसानों ने जिला व उपखंड प्रशासन से तत्काल विशेष गिरदावरी (सर्वे) करवाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व आपदा राहत कोष से उचित मुआवजा दिलाने की पुरजोर मांग की है।

