ट्रिपल एस ओ न्यूज, सूरतगढ़, (रिपोर्ट: सुभाष सिंह)। शहर के प्रतिष्ठित टैगोर स्कूल के संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बड़े-बड़े विज्ञापनों में बेहतर शिक्षा और सुरक्षा के दावे करता है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
![]() |
| टैगोर स्कूल की कथित लापरवाही पर उठे सवाल, वाहन हादसे के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने से फिर मचा हड़कंप |
मई में बाल वाहिनी हादसा, खेत में पलटी स्कूल वैन
अभिभावकों के अनुसार मई माह में मानकसर–अनूपगढ़ स्टेट हाईवे पर टैगोर स्कूल की बाल वाहिनी (वैन) अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेत में पलट गई थी। वाहन में कई छात्र-छात्राएं सवार थे। स्थानीय लोगों की तत्परता से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दुर्घटना में एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हुई थी।
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार हादसे का कारण वाहन का स्टेयरिंग फेल होना बताया गया था और मामले की जांच जारी है। वहीं, कुछ अभिभावकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबाने का प्रयास किया।
कक्षा में बिगड़ी छात्रा की तबीयत, स्टाफ पर अनदेखी का आरोप
बुधवार को स्कूल परिसर में एक और घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार कक्षा 12वीं की एक छात्रा की अचानक कक्षा में तबीयत बिगड़ गई और उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी।
परिजनों का आरोप है कि छात्रा द्वारा स्टाफ को जानकारी देने के बावजूद तत्काल गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसके बाद सहपाठियों ने उसे संभाला और परिजनों को सूचना दी।
मुख्य गेट पर जाम, पिछले गेट से निकाला गया
अभिभावकों का कहना है कि जब वे स्कूल पहुंचे तो मुख्य द्वार पर बसों और अन्य वाहनों के कारण जाम लगा हुआ था। आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने मुख्य गेट की बजाय पिछले दरवाजे से छात्रा को बाहर ले जाने के लिए कहा।
श्रीगंगानगर में कराया गया उपचार
परिजनों ने छात्रा को पहले स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया, जिसके बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए श्रीगंगानगर स्थित वसुंधरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभिभावकों का आरोप है कि घटना के काफी समय बाद स्कूल के केवल दो स्टाफ सदस्य अस्पताल पहुंचे।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटनाओं से नाराज अभिभावकों ने जिला प्रशासन से टैगोर स्कूल सहित शहर के अन्य निजी विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था, स्कूल वाहनों की फिटनेस, ड्राइवरों की पात्रता तथा स्कूल परिसरों में आपातकालीन प्रबंधन की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य में किसी भी बच्चे की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।

