ट्रिपल एस ओ न्यूज, सूरतगढ़, 8 अगस्त। (रिपोर्ट: सुभाष सिंह)। शहर के टैगोर स्कूल में कक्षा के दौरान एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। छात्रा को सांस लेने में तकलीफ के बाद कथित तौर पर बेहोशी की स्थिति में पहुंचने पर सहपाठियों ने संभाला और उसके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने छात्रा को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
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| सूरतगढ़ के टैगोर स्कूल में छात्रा की तबीयत बिगड़ी, सांस लेने में तकलीफ के बाद हुई बेहोश; परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल |
परिजनों के अनुसार, छात्रा को पहले सूरतगढ़ के अपेक्स हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। इसके बाद उसकी स्थिति को देखते हुए उसे श्रीगंगानगर स्थित वसुंधरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। परिजनों के अनुसार फिलहाल छात्रा की हालत स्थिर बताई जा रही है।
स्कूल के मुख्य द्वार पर जाम को लेकर भी सवाल
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद छात्रा को अस्पताल ले जाने के दौरान स्कूल के मुख्य द्वार पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी हुई थी। इसके चलते छात्रा को स्कूल के पिछले दरवाजे से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाना पड़ा।
अभिभावकों ने आपातकालीन व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
घटना के बाद छात्रा के परिजनों एवं अन्य अभिभावकों में रोष है। परिजनों ने स्कूल में प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
अभिभावकों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा स्कूल में उपलब्ध चिकित्सा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करवाने की मांग की है। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में विद्यार्थियों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
परिजनों का कहना है कि विद्यालय में किसी भी विद्यार्थी की तबीयत अचानक बिगड़ने की स्थिति में प्रशिक्षित स्टाफ, प्राथमिक उपचार और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी
मामले में टैगोर स्कूल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना के संबंध में कोई स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्ष रूप से शामिल किया जाएगा।
प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

