ट्रिपल एस ओ न्यूज, सूरतगढ़, 4 अगस्त। रिपोर्टर: सुभाष सिंह। शहर की यातायात व्यवस्था दिनोंदिन बदहाल होती जा रही है। मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्रों में दुकानदारों द्वारा दुकान की सीमा से बाहर तक सामान रखकर किए गए अतिक्रमण के कारण हर पांच-दस मिनट में जाम की स्थिति बन रही है। मुख्य बाजार, महाराणा प्रताप चौक, भगत सिंह चौक और भग्गूवाला चौक पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है।
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| मुख्य बाजार में अतिक्रमण से बिगड़ी यातायात व्यवस्था, जाम में फंस रहे स्कूली बच्चे और एंबुलेंस |
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे शहर की यातायात व्यवस्था सुबह-शाम महज एक-दो यातायात पुलिसकर्मियों के भरोसे चल रही है, जबकि यातायात प्रभारी और अन्य जिम्मेदार अधिकारी अक्सर सड़कों से नदारद दिखाई देते हैं।
स्कूल खुलने और छुट्टी के समय बसों, वैनों तथा अन्य वाहनों की भीड़ से हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी पैदल राहगीरों, बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों तथा एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को उठानी पड़ रही है। भारी स्कूल बैग लेकर आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे भी जाम के बीच जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यातायात पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयास नगर पालिका प्रशासन के सहयोग के अभाव में प्रभावी साबित नहीं हो पा रहे हैं। यदि नगर पालिका अतिक्रमण हटाने की नियमित कार्रवाई करे और यातायात पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सख्ती से नियमों का पालन करवाए, तो शहरवासियों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सकती है।
नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे स्कूली वाहन
शहर में संचालित निजी स्कूलों द्वारा बच्चों के परिवहन के लिए बड़ी संख्या में बसें, वैन और अन्य वाहन संचालित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि इन वाहनों की निष्पक्ष जांच की जाए, तो कई गंभीर अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
कई स्कूली वाहनों का संचालन कम अनुभव वाले चालकों द्वारा किया जा रहा है।
अनेक वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य वैधानिक औपचारिकताएं अधूरी बताई जा रही हैं।
कुछ वाहनों का रंग एवं सुरक्षा मानक भी निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं है।
आरोप है कि नियमों के पालन को लेकर सभी वाहनों पर समान रूप से कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे दोहरे मापदंड की स्थिति बनती है।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस विभाग से संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने तथा स्कूली वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आमजन और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

