ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर शुक्रवार को रांगड़ी चौक स्थित सुगनजी महाराज के उपासरे में चातुर्मासिक प्रवचन का आयोजन हुआ। इस दौरान सुरंजनाश्रीजी म.सा. की शिष्या साध्वीश्री मुक्तांजनाश्रीजी ने श्रद्धालुओं को रक्षाबंधन के पर्व का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि यह केवल भाई-बहन के प्रेम और रक्षा का पर्व नहीं, बल्कि धर्म एवं जिन शासन के प्रति अपने दायित्व को निभाने का संकल्प लेने का अवसर भी है।
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| रक्षाबंधन पर जिन शासन, धर्म और साधु-साध्वियों की रक्षा का लें संकल्प : साध्वीश्री मुक्तांजनाश्रीजी |
साध्वीश्री ने कहा कि भारतभर में भाई-बहन का जोड़ा अमर रहे और रक्षाबंधन की परंपरा सदैव कायम रहे। उन्होंने कहा कि जब हम रक्षा पोटली पहनते हैं तो अपनी बहन की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहने का संकल्प लेना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर पीछे नहीं हटना चाहिए। इसी के साथ जिन शासन के साधु-साध्वियों की रक्षा, धर्म की रक्षा और मुनियों की रक्षा का भी संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पर्व मनाने का उद्देश्य तभी सार्थक है, जब हमारे जीवन में उसके संस्कार और भाव दिखाई दें। हम सभी जिन शासन की बहनें हैं। संसार में नाते-रिश्ते बहुत हैं, लेकिन धर्म के प्रति जागरूकता और अपनत्व की भावना जागृत होगी, तभी जिन शासन आगे बढ़ेगा।
साध्वीश्री मुक्तांजनाश्रीजी ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दिन-प्रतिदिन धर्म और जिन शासन के प्रति लोगों के भाव कम होते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में हमें जल्द ही भावों का धागा बांधकर सभी के प्रति शुद्ध एवं सकारात्मक भाव रखने होंगे।
युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं में जैन धर्म के प्रति अपनत्व की भावना जागृत करनी होगी। बीकानेर नगर में सभी को अपना मानते हुए ‘तेरी-मेरी’ के झगड़ों से दूर रहना चाहिए। संघ और समाज के प्रति समर्पण रखते हुए नवकार मंत्र की सीख को जीवन में अपनाएं, इससे सभी का कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को जागरूक करते हुए जिन शासन की परंपरा और संस्कारों को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।
सुगनजी महाराज उपासरे के अध्यक्ष महावीर खजांची ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान उपासरे में पहुंचे श्रद्धालुओं को साध्वीश्री मुक्तांजनाश्रीजी द्वारा रक्षा पोटली प्रदान की गई। इस अवसर पर संरक्षक रतनक्षाल नाहटा, पवन बोथरा सहित अनेक गणमान्यजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

