ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। दिव्यांग सेवा संस्थान, बीकानेर द्वारा विशेष (दिव्यांग) बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लगातार विविध गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। संस्थान का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा अपनी प्रतिभा को पहचानते हुए समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके और सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए सक्षम बन सके।
![]() |
| दिव्यांग सेवा संस्थान बीकानेर बना रहा विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर, शिक्षा के साथ हुनर विकास पर विशेष जोर |
संस्थान में बच्चों को नियमित रूप से खेलकूद प्रतियोगिताएं, शैक्षिक भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य, संगीत, पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाता है। इन आयोजनों से बच्चों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास होता है, साथ ही उनके भीतर आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता की भावना भी विकसित होती है।
इसके अतिरिक्त बच्चों को मोमबत्ती, दीपक एवं अन्य हस्तनिर्मित सजावटी और उपयोगी उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इन कौशलों के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन सकें।
संस्थान का मानना है कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता में बाधा नहीं, बल्कि उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर वही बच्चे अपनी प्रतिभा से नई पहचान स्थापित कर सकते हैं। इसी सोच के साथ संस्थान शिक्षा, संस्कार, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
संस्थान ने समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं आमजन से अपील की है कि वे दिव्यांग बच्चों के उत्साहवर्धन एवं पुनर्वास के इस अभियान में सहभागी बनें, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को बेहतर शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल सके।

