ट्रिपल एस ओ न्यूज, सूरतगढ़, 19 जुलाई (सुभाष सिंह)। सूरतगढ़ नगर पालिका की कमान अधिशाषी अधिकारी मनीष पारीक के संभालने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के संकेत दिखाई देने लगे हैं। पिछले दो-तीन दिनों से नगर पालिका के सफाई कर्मचारी विभिन्न वार्डों, गलियों, नालों और नालियों की सफाई में जुटे नजर आ रहे हैं। लंबे समय बाद शहर के कई हिस्सों में सफाई अभियान सक्रिय रूप से चलता दिखाई दिया, जिससे आमजन में भी सकारात्मक संदेश गया है।
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| सूरतगढ़ नगर पालिका में दिखने लगा बदलाव, ईओ मनीष पारीक के निर्देश पर सफाई व्यवस्था हुई सक्रिय |
पदभार ग्रहण करने के बाद ईओ मनीष पारीक ने नगर पालिका कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने सफाई व्यवस्था के साथ-साथ खराब स्ट्रीट लाइटों सहित अन्य नागरिक सुविधाओं को भी शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नगर पालिका में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। नागरिक अपनी शिकायतें 01509-220046 पर दर्ज करा सकते हैं। ईओ पारीक ने कहा कि इस नंबर पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसका जल्द से जल्द समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे अपनी समस्याएं सीधे कंट्रोल रूम में दर्ज कराएं ताकि उन पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
नगर पालिका कार्यालय में भी कर्मचारियों को आमजन के कार्यों का निस्तारण करते देखा जा रहा है। वहीं शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई कर्मचारी नालों, नालियों और सड़कों की सफाई में लगातार लगे हुए हैं। शनिवार और रविवार जैसे अवकाश के दिनों में भी कई स्थानों पर जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की सहायता से नालों की सफाई करवाई गई।
हालांकि, नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि कई ऐसे कर्मचारी हैं जिन्होंने पूरी सेवा अवधि सफाई कार्य में बिताई है और अब वे सेवानिवृत्ति के करीब हैं, फिर भी उनसे कठिन सफाई कार्य करवाया जा रहा है। वहीं अपेक्षाकृत कम अनुभव वाले कुछ कर्मचारियों को पदोन्नति मिल चुकी है। कर्मचारियों का मानना है कि इस व्यवस्था की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा जिन कर्मचारियों ने अपने मूल सफाई कार्य का निर्वहन नहीं किया है, उन्हें उनके मूल दायित्वों में लगाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि इससे पहले भी नगर पालिका में कई अधिकारियों ने पदभार संभालते हुए कंट्रोल रूम और जनसुनवाई जैसी व्यवस्थाएं शुरू की थीं, लेकिन अधिकांश मामलों में आमजन को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी। ऐसे में अब शहरवासियों को नए अधिशाषी अधिकारी से उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में सफाई व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं और जनसमस्याओं के समाधान में वास्तविक सुधार देखने को मिलेगा।

