ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार पर निष्पक्ष जांच की मांग

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर, 18 मई। इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ ऑर्गेनाइजेशन की ओर से सोमवार को मंडल रेल प्रबंधक (वाणिज्य), उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर को ज्ञापन सौंपकर ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार एवं सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की गई। इस दौरान बीकानेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर कर्मचारियों ने “टिकट चेकिंग स्टाफ जिंदाबाद” के नारे भी लगाए।

ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार पर निष्पक्ष जांच की मांग
ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार पर निष्पक्ष जांच की मांग


इस मौके पर डीसीटीआई जगदेव सिंह रंधावा, संगठन सचिव नीलेंद्र कुमार, सीटीआई नूतन कुमार पटपटिया, सुनील कुमार शादी, श्याम सिंह, भोजराज मारू, भंवरलाल चौधरी, टीटीआई विजय सिंह यादव, मघाराम, ओमप्रकाश, तरुण कुमार, इरफान अली, रजाक अली, हीरालाल सुथार, साजन, लक्ष्मण सिंह राठौड़, बलवान सिंह, देवकिशन, नत्थूलाल मीणा, गजेंद्र सिंह सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।

डीसीटीआई जगदेव सिंह रंधावा एवं संगठन सचिव नीलेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि हाल ही में मंडल के भिवानी स्टेशन पर टीटीआई हिसार बजरंगलाल के साथ ड्यूटी के दौरान ट्रेन मैनेजर मुकेश कुमार द्वारा टिकट चेकिंग कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। इससे यात्रियों की टिकट जांच प्रभावित हुई तथा रेलवे राजस्व को नुकसान पहुंचा। आरोप है कि ट्रेन मैनेजर ने सार्वजनिक रूप से टीटीई स्टाफ को “चोर” कहकर संबोधित किया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे कर्मचारियों की छवि धूमिल हुई।

उन्होंने कहा कि संबंधित व्यवहार रेलवे आचरण नियम 1966 के नियम 3(i), 3(ii), 3(iii) एवं 3ए के अनुरूप नहीं है तथा इससे रेलवे की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। संगठन का कहना है कि घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच लिखित राजीनामा हो चुका है, लेकिन ट्रेन मैनेजर एसोसिएशन द्वारा मामले को लगातार उछाला जा रहा है। ऐसे में यदि जांच की जाए तो वह निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय होनी चाहिए।

संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि रेलवे वाणिज्य नियमावली के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी का दायित्व है कि वह रेल राजस्व की हानि रोकने में सहयोग करे, लेकिन संबंधित ट्रेन मैनेजर ने टीटीई स्टाफ का सहयोग नहीं कर राजस्व हानि को बढ़ावा दिया। उन्होंने इसे न केवल एक कर्मचारी बल्कि पूरे टिकट चेकिंग स्टाफ के सम्मान से जुड़ा मामला बताया।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो इससे चेकिंग स्टाफ का मनोबल गिरेगा और ट्रेनों में असुरक्षा का माहौल बनेगा। संगठन ने मामले में न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की अपील की।

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