सीमावर्ती क्षेत्रों में साकार हो रहा विकास का संकल्प

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के सीमावर्ती क्षेत्र विकास के संकल्प से प्रदेश की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जिला मुख्यालयों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक सकारात्मक बदलाव दिखाने लगे हैं। आज गांव-गांव में पानी, बिजली, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। इसी क्रम में बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के तहत स्वीकृत 6.10 किलोमीटर लंबी 33 केजेडी आबादी से 36 केजेडी वाया 32 केजेडी सड़क अब सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि सीमा पर रहने वाले हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बन गई है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में साकार हो रहा विकास का संकल्प
सीमावर्ती क्षेत्रों में साकार हो रहा विकास का संकल्प


सुरक्षा और विकास का संगम


सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 110 लाख रुपए की लागत से निर्मित यह सड़क भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा सटे गांवों-33 केजेडी आबादी, 36 केजेडी, 32 केजेडी, 9 डीडब्ल्यूडी, 39 केजेडी और बीओपी भगत की मुख्य सड़क से जुड़ी है।


किसानों और पर्यटन को मिला रहा मजबूत आधार


राज्य सरकार के कृषक कल्याण के संकल्प के अनुरूप इस क्षेत्र के किसान अब अपनी कृषि उपज को बिना परेशानी मंडियों तक पहुंचा पाएंगे। खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र का यह इलाका कृषि आधारित है और पक्की सड़क बनने से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित होने से यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।

इसी प्रकार बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 15 करोड़ रुपए मिसिंग लिंक/नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य आखिरी छोर पर स्थित गांवों तक विकास पहुंचाना है। सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से एक भी गांव वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 

इस सड़क परियोजना से साबित होता है कि मुख्यमंत्री के दिशानिर्देशों की पालना में राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन के बेहतर विकल्प उपलब्ध करवा रही है।

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