खजूर उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन व विपणन के अवसर एवं संभावनाएं' विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार शुरू

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर, 24 मार्च। उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास निदेशालय सभागार में 'खजूर उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन व विपणन के अवसर एवं संभावनाएं' विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार मंगलवार को शुरू हुई।

खजूर उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन व विपणन के अवसर एवं संभावनाएं' विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार शुरू
खजूर उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन व विपणन के अवसर एवं संभावनाएं' विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार शुरू


यह सेमिनार उद्यान विभाग, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय तथा केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। 


दो दिवसीय सेमिनार के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे, विशिष्ठ अतिथि निदेशक अनुसंधान डॉ. एन. के. शर्मा व निदेशक डीएचआरडी, डॉ एच एल देशवाल तथा विशेष अतिथि उपनिदेशक उद्यान अनुसंधान एटीसी प्रेमाराम व खजूर उत्कृष्टता केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र सिंह राठौड़ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उद्यान विभाग की उपनिदेशक रेणु वर्मा सेमिनार की अध्यक्षता की एवं अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।


मुख्य अतिथि केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे ने बताया कि जिले में खजूर क्षेत्र विस्तार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बीकानेर को खजूर हब के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।


निदेशक (अनुसंधान) डॉ. एन के शर्मा ने बताया कि खजूर उत्कृष्टता केंद्र में खजूर की 50 से अधिक किस्मों का संग्रहालय है खजूर अनुसंधान का लाभ किसानों को व्यापक रूप से मिलना चाहिए। विभाग द्वारा किसानों को सही गुणवत्ता वाले टिशु कल्चर पौधे उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। 


निदेशक डीएचआरडी डॉ एच एल देशवाल ने खजूर में लगने वाली कीट व्याधियों के नियंत्रण उपाय के बारे में विस्तार से बताया। 


खजूर उत्कृष्टता केंद्र प्रभारी डॉ राजेंद्र सिंह राठौड़ ने खजूर क्षेत्रफल, उत्पादन व बीकानेर में क्षेत्र विस्तार की संभावनाएं पर विस्तार से प्रकाश डाला।


उपनिदेशक उद्यान अनुसंधान डॉ. प्रेमाराम ने कहा किसान खजूर फल बगीचा स्थापना से अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते है। 


सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा देय विभिन्न अनुदान योजनाओं के बारे में जानकारी दी।


सेमिनार के पहले दिन आयोजित 5 तकनीकी सत्रों में बड़ी संख्या में युवा प्रगतिशील नवाचारी उद्यान किसानों ने भाग लिया। 


कार्यक्रम में उद्यान विभागीय अधिकारी रमेश भाम्भू, जोधराज कालीरावणा, लीला विश्नोई, लक्ष्मण सिंह शेखावत, अनिरूद्ध, पुष्पेन्द्र सिंह, धर्मपाल, बनवारीलाल सैनी, ओमप्रकाश गोदारा, शिवभगवान इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत ने किया।

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