कोट गेट–सांखला फाटक जाम का स्थायी समाधान केवल बाईपास रेल लाइन से संभव: बीकानेर व्यापार संगठन

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। बीकानेर व्यापार संगठन की ओर से मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष श्री नरपत सेठिया ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य कोट गेट एवं सांखला रेल क्रॉसिंग पर वर्षों से चली आ रही यातायात जाम की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान पर गहन विचार-विमर्श करना था।

कोट गेट–सांखला फाटक जाम का स्थायी समाधान केवल बाईपास रेल लाइन से संभव: बीकानेर व्यापार संगठन
कोट गेट–सांखला फाटक जाम का स्थायी समाधान केवल बाईपास रेल लाइन से संभव: बीकानेर व्यापार संगठन


बैठक में बताया गया कि एक ओर सरकार द्वारा इन स्थानों पर अंडर ब्रिज एवं अंडरपास निर्माण की परियोजना पर कार्य प्रगति पर है, वहीं दूसरी ओर इस परियोजना के विरोध में राजस्थान हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन है। हाई कोर्ट ने रेलवे को निर्देशित किया है कि शहर के बीच से गुजरने वाली रेल लाइन के विकल्प के रूप में बाईपास रेल लाइन की संभावना का अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

बैठक में श्री उमेश मेहंदीरता ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आधे-अधूरे और अस्थायी जुगाड़ू समाधान के रूप में बनाए जा रहे अंडर ब्रिज और अंडरपास भविष्य में गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकते हैं। इससे यातायात अव्यवस्था, सुरक्षा जोखिम और शहर के संतुलित विकास में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है।

बैठक में उपस्थित सभी प्रबुद्धजनों और व्यापारियों ने सर्वसम्मति से कहा कि इस समस्या का पूर्ण और स्थायी समाधान केवल बाईपास रेल योजना को पुनर्जीवित करने में ही निहित है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 में रेलवे की पिंक बुक में शामिल की गई इस महत्वाकांक्षी योजना को वर्ष 2005 में सरकार परिवर्तन के बाद रोक दिया गया था।

व्यापार संगठन ने कहा कि यदि बाईपास रेल लाइन योजना को क्रियान्वित किया जाता है, तो कोट गेट–सांखला फाटक पर लगने वाला जाम हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। इससे बीकानेर शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी, व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और शहर के दोनों हिस्सों के बीच निर्बाध आवागमन संभव हो सकेगा।

बैठक में प्रेम खंडेलवाल, श्याम तंवर, शांतिलाल कोचर, मांगीलाल झाबाक, जफर अली, शिव कुमार सहित अनेक प्रबुद्धजन एवं व्यापारीगण उपस्थित रहे।

बीकानेर व्यापार संगठन ने सरकार, रेलवे प्रशासन और संबंधित सभी पक्षों से अपील की है कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप बाईपास रेल योजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि शहर को वर्षों पुरानी यातायात समस्या से स्थायी राहत मिल सके।

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