10 वर्ष पुराने चेक बाउंस प्रकरण में अभियुक्त दोषमुक्त, न्यायालय ने किया बरी

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। लगभग 10 वर्ष पुराने चेक अनादरण (धारा-138 परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881) से जुड़े प्रकरण में माननीय विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण) बीकानेर के पीठासीन अधिकारी श्री ललित कुमार, आरजेएस द्वारा अभियुक्त गिरधर गोपाल को दोषमुक्त घोषित करते हुए बरी कर दिया गया।

10 वर्ष पुराने चेक बाउंस प्रकरण में अभियुक्त दोषमुक्त, न्यायालय ने किया बरी
10 वर्ष पुराने चेक बाउंस प्रकरण में अभियुक्त दोषमुक्त, न्यायालय ने किया बरी


अधिवक्ता जयदीप कुमार शर्मा ने बताया कि फौजदारी प्रकरण संख्या 1195/2022 में अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता जयदीप कुमार शर्मा, शैलेन्द्र खरे एवं मनोज जाजड़ा ने पैरवी की।

प्रकरण के अनुसार परिवादी जयदयाल ने आरोप लगाया था कि अभियुक्त ने निजी आवश्यकता हेतु 4,00,000 रुपये उधार लेकर भुगतान के लिए चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर भुगतान रुकवाने के कारण अनादरित हो गया। इसके बाद विधिक नोटिस भेजकर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान अभियुक्त ने न्यायालय के समक्ष कहा कि संबंधित चेक उसने केवल सुरक्षा (सिक्योरिटी) के तौर पर दिया था तथा उसने परिवादी से कोई ऋण नहीं लिया। बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के परीक्षण सहित सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने पाया कि परिवादी धारा-138 के तहत आवश्यक विधिक दायित्व सिद्ध करने में असफल रहा।

न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अभियुक्त के विरुद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित नहीं हो पाया, इसलिए अभियुक्त गिरधर गोपाल को धारा-138 परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 के आरोप से दोषमुक्त घोषित किया जाता है। साथ ही अभियुक्त के जमानत मुचलके निरस्त किए गए।

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