ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर, 30 सितम्बर। उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत 'औषधीय फसलों का नया क्षेत्र विस्तार' के तहत ईसबगोल की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। जिले में वर्तमान में औषधीय फसलों में ईसबगोल का क्षेत्रफल 50 हजार हेक्टेयर है व काफी तेजी से क्षेत्र बढ़ रहा है।
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| औषधीय फसलों का नया क्षेत्र विस्तार' के तहत उद्यान विभा ईसबगोल की खेती को देगा बढ़ावा |
औषधीय फसलों के क्षेत्र विस्तार को ध्यान में रखते हुए उद्यान विभाग द्वारा 70 किसानों को गुजरात की उन्नत किस्म गुजरात ईसबगोल-2 का उन्नत बीज व अन्य आदान अनुदानित दर पर उपलब्ध करवा प्रदर्शन आयोजित करवाए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में ईसबगोल की खेती को बढ़ावा मिल सके।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक श्री मुकेश गहलोत ने बताया कि औषधीय फसलों के नये क्षेत्र विस्तार हेतु कृषको को अधिकतम 1 हैक्टेयर क्षेत्र के लिए प्रोरेटा बेसिस पर अनुदान देय है। औषधीय फसलों के क्षेत्र विस्तार हेतु प्रति हेक्टेयर इकाई लागत 1.50 लाख रुपए निर्धारित की गई है सामान्य किसानों को लागत का 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित क्षेत्र के किसानों को लागत का 50 प्रतिशत अनुदान उद्यान विभाग द्वारा दिया जाना है।
औषधीय फसलों की खेती करने वाले इच्छुक कृषकों को अनुदान का लाभ दिया जाएगा। कृषकों को औषधीय फसल विशेष के लिये पैकेज ऑफ प्रेक्टिसेज का लीफलेट/साहित्य भी उपलब्ध कराया जाएगा। एक कृषक को प्रोरेटा बेसिस पर अधिकतम 1 हैक्टेयर क्षेत्र तक औषधीय फसलों के नये क्षेत्र विस्तार पर अनुदान दिया जाएगा।
सहकारी संस्था से करवाएंगे आदान उपलब्धता
उद्यान विभाग के निर्देशानुसार औषधीय पौधो का बीज कृषि विश्वविद्यालय/सम्बद्ध कृषि महाविद्यालय/केन्द्र/राज्य सरकार एवं अन्य राजकीय संस्था से सहकारी संस्थाओ के माध्यम से क्रय करवाकर कृषकों को उपलब्ध कराया जाएगा। पैकेज ऑफ प्रेक्टिस अनुसार उर्वरक, पौध संरक्षण व अन्य आदान/उपादान निर्धारित प्रपत्र में उद्यान विभाग के कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी के द्वारा परमिट काटकर सहकारी संस्थाओ के माध्यम से 40 प्रतिशत अनुदानित दर पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। कृषकों द्वारा सहकारी संस्थाओ से शत प्रतिशत लागत पर आदान क्रय कर अनुदान के क्लेम्स विभाग को प्रस्तुत करने पर अनुदान राशि का भुगतान आर.टी.जी.एस. के द्वारा कृषकों को किया जाएगा। कृषक 60 प्रतिशत अंशदान आपूर्ति संस्था को जमा कराकर आदान प्राप्त करने की स्थिति में अनुदान राशि का भुगतान संम्बंधित आपूर्ति संस्था को किया जाएगा।
उपनिदेशक अनुसंधान (ग्राहय प्रशिक्षण केंद्र) श्री प्रेमाराम ने बताया कि किसान संबंधित कृषि पर्यवेक्षक सहायक कृषि अधिकारी उद्यान से संपर्क कर औषधीय क्षेत्र विस्तार ईसबगोल की खेती हेतु स्वयं को ऑनलाइन राज किसान पोर्टल पर पंजीकृत कर योजना का लाभ लें।

