जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन पर संवाद आयोजित

ट्रिपल एस ओ न्यूज, 21 जुलाई 2026, बीकानेर। अजित फाउंडेशन द्वारा आयोजित मासिक संवाद कार्यक्रम के तहत विभागाध्यक्ष पर्यावरण विज्ञान विभाग महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अनिल कुमार शर्मा ने ‘‘शुष्क क्षेत्रों में जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन’’ विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि बीकानेर संभाग की जैव विविधता बहुत इनायत और हमारे बुजुर्गों द्वारा संजोकर रखी गई है। इन्हें  संरक्षित करने के लिए कई प्रकार की परंपरागत व्यवस्थाए थी, वर्षों से आज भी सुचारू रूप से चल रही है। इनमें स्थानीय देवी देवताओं के नाम से ओरण, देववन, गोचर, नाडी, तालाब, जोहड़, पायतन, आगोर आदि के क्षेत्र प्रमुख है। जिनमें ज्यादातर थार मरुस्थल की जैव विविधता पाई जाती है, जिस पर यहां के स्थानीय लोगों की आजीविका, जीवन यापन पशुपालन व वन्यजीवो का संरक्षण वह संवर्धन निर्भर है।

जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन पर संवाद आयोजित
जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन पर संवाद आयोजित

प्रो. छंगाणी ने थार मरुस्थल की जैव विविधता एवं उससे बदलते क्लाइमेट चेंज प्रभाव पर बोलते हुए कहा कि वर्तमान में इन परंपरागत व्यवस्थाओं को ‘क्लाइमेट चेंज’ की वजह से तथा अंग्रेजी बबूल (प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा) की वजह से संकट का सामना करना पड़ रहा है। समय रहते अगर विभिन्न सरकारी योजनाओं में अंग्रेजी बबूल के उन्मूलन का कार्यक्रम नहीं चलाया गया तो स्थानीय जैव विविधता धीरे-धीरे लुप्त हो जाएगी।

कार्यक्रम की अध्यक्ष्यता करते हुए समाजसेविका एवं शिक्षाविद् सुशीला ओझा ने कहा कि हम रेगीस्तानी क्षेत्र में रह रहे है यहां का जीवन बहुत मुश्किल है। हमें प्रकृति के साथ रहकर और सीमित साधनों के साथ जीवनयापन करना पड़ता है। यहां प्रकृति हमें संचित करते हुए जीवनयापन की सोच देती हैं। उन्होंने महिला वर्ग को संबोधित करते हुए कहा कि महिला एवं प्रकृति दोनो एक जैसे ही है। प्रकृति भी नये का निर्माण करती है तथा संवर्द्धन की ओर ले जाती है। उसी प्रकार महिलाए भी आने वाली पीढ़ियों का संवर्द्धन करते हुए उसको आगे बढ़ाती है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एक गहन समस्या बनके हम सब के सामने आ रही है। इसका असर केवल हमारे देश में नहीं वरन पूरे विश्व में दिखाई दे रहे है। इस संकट से निपटने हेतु हमें सत्त प्रयास करने होगे।

कार्यक्रम के दौरान उरमूल सीमान्त, बज्जू से भोजराज एवं रवि कान्त भाटी ने अपने कार्यक्षेत्र एवं जलसंसाधन पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के अंत में बिन्नाणी कन्या महाविद्यालय की प्रो. ऋचा जोशी ने संस्था की तरफ से सभी का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ. नरेन्द्र शर्मा, श्रीमती सीमा जोशी सहित कई गणमान्यों व्यक्तियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में बिन्नाणी कन्या महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रही। सभी छात्राओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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