शतरंज हमें एकाग्रता एवं अनुशासन सिखाता है – डॉ. राजनारायण व्यास, अजित फाउण्डेशन जिला स्तरीय स्कूली शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। अजित फाउण्डेशन द्वारा आयोजित जिला स्तरीय स्कूली शतरंज प्रतियोगिता का उद्घाटन सुप्रसिद्ध शतरंज प्रशिक्षक श्री शंकरलाल हर्ष, दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. राजनारायण व्यास एवं वरिष्ठ शतरंज खिलाड़ी श्री अनिल बोड़ा के कर-कमलों द्वारा किया गया।

शतरंज हमें एकाग्रता एवं अनुशासन सिखाता है – डॉ. राजनारायण व्यास, अजित फाउण्डेशन जिला स्तरीय स्कूली शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ
शतरंज हमें एकाग्रता एवं अनुशासन सिखाता है – डॉ. राजनारायण व्यास, अजित फाउण्डेशन जिला स्तरीय स्कूली शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ


उद्घाटन अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शतरंज खिलाड़ी एवं दर्शनशास्त्री डॉ. राजनारायण व्यास ने कहा कि पूर्व में बीकानेर के लगभग प्रत्येक मोहल्ले में शतरंज खेली जाती थी, जिसे बच्चे एवं किशोर बड़े उत्साह से देखा करते थे। इसी परंपरा के कारण बीकानेर में शतरंज खेल का व्यापक विकास हुआ।
उन्होंने कहा कि शतरंज एक सादगीपूर्ण एवं शांतिप्रिय खेल है, जिसे पूर्ण एकाग्रता और अनुशासन के साथ खेला जाता है। शतरंज से व्यक्ति के भीतर ऐसी मानसिक ऊर्जा विकसित होती है, जो उसे जीवन की किसी भी परिस्थिति से उबरने की क्षमता प्रदान करती है।

शतरंज खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक श्री शंकरलाल हर्ष ने कहा कि वर्तमान समय में शतरंज के क्षेत्र में भारत का दबदबा निरंतर बढ़ रहा है। शतरंज एक अनुशासनप्रिय खेल है, जिसमें खिलाड़ी अपनी दक्षता का परिचय मोहरों के माध्यम से देता है। यह खेल टीम भावना, खेल भावना तथा कठिन परिस्थितियों में भी मनोबल बनाए रखते हुए सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है।

राजस्थान शतरंज संघ के उपाध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी व प्रशिक्षक श्री अनिल बोड़ा ने कहा कि शतरंज का सीधा संबंध बच्चों के सर्वांगीण विकास से है। यह ऐसा खेल है जिसमें उम्र की कोई सीमा नहीं होती, बल्कि मानसिक क्षमता की परख होती है। निरंतर अभ्यास के माध्यम से खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं।

अजित फाउण्डेशन के समन्वयक श्री संजय श्रीमाली ने संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विगत 21 वर्षों से अजित फाउण्डेशन द्वारा स्कूली शतरंज प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से शहर में शतरंज का सकारात्मक वातावरण विकसित हुआ है।

अजित फाउण्डेशन शतरंज प्रतियोगिता में 27 टीमों के कुल 81 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के प्रथम दिन 4 राउंड खेले गए, जबकि अंतिम राउंड 28 दिसम्बर 2025 को खेला जाएगा।

प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक श्री वीरेन्द्र नारायण जोशी रहे। उनके साथ निर्णायक मंडल में श्री भानू आचार्य, श्री द्वारका प्रसाद छींपा, श्री शिवशंकर बोहरा एवं सुश्री राधिका शामिल रहीं।

प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह 28 दिसम्बर 2025 को सायं 4:30 बजे अजित फाउण्डेशन सभागार में आयोजित होगा। इस अवसर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों सहित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

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