मुख्यमंत्री युवा संबल योजनाः औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले पांच इंटर्न, लम्बे समय से अनुपस्थित रहने के बावजूद एक इंटर्न की फर्जी उपस्थिति अपलोड, वसूली के साथ कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित

ट्रिपल एस ओ न्यूज़, बीकानेर, 12 सितम्बर। मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले इंटंर्स के कार्यस्थल का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान पांच इंटर्न अनुपस्थित मिले। एक इंटर्न लम्बे समय से अनुपस्थित रहने के बावजूद फर्जी तरीके से उपस्थित अपलोड करना पाया गया। इसके मद्देनजर संबंधित का बेरोजगारी भत्ता बंद करते हुए वसूली अथवा अन्य नियम संगत कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित की गई। 

मुख्यमंत्री युवा संबल योजनाः औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले पांच इंटर्न, लम्बे समय से अनुपस्थित रहने के बावजूद एक इंटर्न की फर्जी उपस्थिति अपलोड, वसूली के साथ कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित
मुख्यमंत्री युवा संबल योजनाः औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले पांच इंटर्न, लम्बे समय से अनुपस्थित रहने के बावजूद एक इंटर्न की फर्जी उपस्थिति अपलोड, वसूली के साथ कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित

उपक्षेत्रीय रोजगार कार्यालय के उपनिदेशक हरगोबिंद मित्तल ने बताया कि योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले प्रार्थियों को सरकारी विभागों में प्रतिदिन चार घंटे की इंटर्नशिप करनी होती है। शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ ब्लाॅक स्थित राजकीय विद्यालयों में इसका औचक भौतिक निरीक्षण किया गया।

उन्होंने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ के पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सात में से पांच इंटर्न अनुपस्थित मिले। इनमें भरत राम पुत्र केशरा राम के कईं माह से अनुपस्थित होने के बावजूद फर्जी उपस्थिति बनाकर अपलोड किया जाना पाया गया। निरीक्षण के दौरान भरत राम का बेरोजगार भत्ता अविलम्ब बंद कर दिया गया। पूर्व में भत्ते के रूप में भुगतान की गई राशि की वसूली अथवा कानूनी कार्यवाही नियमानुसार प्रस्तावित की जाएगी। 

मित्तल ने बताया कि संबंधित कार्यालय अध्यक्षों द्वारा इंटंर्स की प्रतिदिन चार घण्टे की उपस्थिति, दैनिक डायरी तथा उपस्थिति पंजिका का संधारण एवं अन्य दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही उपस्थिति प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। रोजगार विभाग द्वारा नियमित रूप से इंटंर्स की उपस्थित एवं अन्य दस्तावेजों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सत्यापन में पाई गई अनियमितताओं में यदि किसी भी राजकीय कार्मिक की संलिप्तता हुई, तो उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए प्रकरण, सम्बन्धित उच्चाधिकारियों तथा योजना के नोडल अधिकारी जिला कलक्टर के ध्यान में लाया जाएगा।

 मित्तल ने बताया कि इससे पहले चार घंटे की इंटर्नशिप किए बिना फर्जी उपस्थिति प्रमाण पत्रों से बेरोजगारी भत्ते लेने वाले प्रार्थियों से गत वर्षों में आठ लाख रुपए वसूली की गई है।

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