ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर। बी.जे.एस. रामपुरिया जैन कॉलेज, बीकानेर में बुधवार को नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित डांडिया नाइट में उत्साह, उमंग, भारतीय संस्कृति और युवा ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, मधुर संगीत, डांडिया की थाप और विद्यार्थियों के जोश से महाविद्यालय परिसर उत्सवी रंगों से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पंकज जैन सहित समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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| बी.जे.एस. रामपुरिया जैन कॉलेज में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई डांडिया नाइट, पारंपरिक रंगों और संगीत से सराबोर हुआ परिसर |
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। माँ सरस्वती से ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि की कामना करते हुए कार्यक्रम की मंगलमय शुरुआत की गई। नवरात्रि के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों ने भारतीय परंपराओं के प्रति अपनी आस्था और सम्मान व्यक्त किया।
इसके पश्चात संगीत की मधुर धुनों और पारंपरिक गरबा गीतों के बीच डांडिया नृत्य का सिलसिला प्रारंभ हुआ। पारंपरिक परिधानों में सजे छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ गरबा एवं डांडिया की प्रस्तुतियाँ दीं। रंग-बिरंगे घाघरा-चोली, केडियू, कुर्ते और पारंपरिक आभूषणों से सुसज्जित विद्यार्थियों ने अपनी आकर्षक वेशभूषा और नृत्य कौशल से उत्सव की छटा को और भी मनमोहक बना दिया। डांडिया की लयबद्ध थाप, संगीत की ऊर्जा और विद्यार्थियों की सामूहिक सहभागिता ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पंकज जैन ने इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव, आपसी सौहार्द, रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से इतर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, मित्रता के बंधन मजबूत करने तथा महाविद्यालय जीवन को यादगार बनाने का अवसर प्रदान किया।
श्री अरुण व्यास ने बताया कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। छात्र-छात्राओं ने न केवल नृत्य और संगीत का आनंद लिया, बल्कि अपने मित्रों के साथ उत्सव के यादगार पल भी साझा किए। पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक युवा अभिव्यक्ति का सुंदर मेल आयोजन के प्रत्येक क्षण में दिखाई दिया। विद्यार्थियों के उल्लास, तालियों की गूँज और उत्साहपूर्ण सहभागिता ने पूरे आयोजन को जीवंत एवं यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में बेस्ट ड्रेस एवं बेस्ट डांसर जैसे आकर्षक पुरस्कारों की व्यवस्था ने विद्यार्थियों के उत्साह को और बढ़ाया। इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता, पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किया। आयोजन में महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों की उपस्थिति और सहभागिता ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने का अवसर प्रदान किया।
महाविद्यालय में इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता, आत्मविश्वास और टीम भावना को प्रोत्साहित करना भी है। डांडिया नाइट ने यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराएँ आज भी युवा पीढ़ी को आकर्षित करती हैं और उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संगीत, नृत्य, पारंपरिक रंगों और विद्यार्थियों की मुस्कान से सजी यह शाम सभी प्रतिभागियों के लिए सुखद एवं अविस्मरणीय अनुभव बनी। आयोजन ने नवरात्रि के उल्लास को साझा करते हुए सांस्कृतिक एकता, आपसी सद्भाव और युवा उत्साह का सुंदर संदेश दिया।
बी.जे.एस. रामपुरिया जैन कॉलेज की डांडिया नाइट भारतीय संस्कृति के संरक्षण, विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा महाविद्यालय जीवन को जीवंत, समृद्ध और यादगार बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही।

