वन विभाग की इंटेलिजेंट प्लानिंग के तहत 'नई तकनीकी पहल' डिजीवन पर कार्यशाला आयोजित

ट्रिपल एस ओ न्यूज, बीकानेर, 9 दिसम्बर। वन विभाग के लिए वृक्षारोपण की उन्नत मॉनिटरिंग और इंटेलिजेंट प्लानिंग के लिए तैयार किए गए ऐप्लिकेशन डिजीवन पर विशेष कार्यशाला का आयोजन को किया गया। 

वन विभाग की इंटेलिजेंट प्लानिंग के तहत 'नई तकनीकी पहल' डिजीवन पर कार्यशाला आयोजित
वन विभाग की इंटेलिजेंट प्लानिंग के तहत 'नई तकनीकी पहल' डिजीवन पर कार्यशाला आयोजित

जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी के सहयोग से बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और सैटश्योर एनालिटिक्स लिमिटेड के माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला में बीकानेर संभाग के भारतीय वन सेवा एवं राज्य वन सेवा के 25 अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में राजस्थान वन विभाग के अधिकारियों को डिजीवन पोर्टल पर विकसित की जा रही दो उन्नत तकनीकी यूज़ केसेस-वाइल्डलाइफ हैबिटेट मॉनिटरिंग और कार्बन और ग्रीन क्रेडिट मैनेजमेंट की जानकारी प्रदान दी गई। संभागीय मुख्य वन संरक्षक श्री हनुमानाराम ने इस नवीन तकनीकी उपकरण के प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजीवन ऐप भविष्य में वनीकरण को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगा। यह मृदा, जल और जलवायु परिस्थितियों के विश्लेषण के आधार पर वृक्षारोपण हेतु सटीक साइट चयन, उपयुक्त प्रजाति चयन, जल एवं पोषण प्रबंधन को संभव बनाएगा। साथ ही, उपग्रह चित्रों के माध्यम से वृक्षारोपण के परिणामों, वन स्वास्थ्य, कैनोपी विस्तार और समग्र प्रगति का वास्तविक समय में मूल्यांकन किया जा सकेगा। यह नवाचार राजस्थान के वन एवं वन्यजीव प्रबंधन को एक नए युग में ले जाएगा, जहाँ डेटा संचालित निर्णयन और उन्नत तकनीक संरक्षण के प्रयासों को नई गति व पारदर्शिता प्रदान करेंगे।

कार्यशाला के दौरान सैटश्योर एनालिटिक्स लिमिटेड के विषय विशेषज्ञों अमन माथुर एवं गौरव ने ऐप के संचालन एवं उपयोगिता का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान  प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया गया।

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